सब कुछ तो है पास...

कभी-कभी ज़िंदगी में सब कुछ ठीक दिखता है,
फिर भी दिल के अंदर एक खालीपन सा रह जाता है।
भीड़ में रहकर भी मन उदास होता है, जैसे कोई अपना पास होकर भी दूर हो।

ये शायरी उसी एहसास की कहानी कहती है—
जहाँ साथ देने वाले बहुत होते हैं, लेकिन जिस एक की कमी होती है,
वही सबसे ज़्यादा महसूस होती है।
अगर आपने भी कभी ऐसा महसूस किया है, तो ये शब्द आपके दिल से जुड़ेंगे।


सब कुछ तो है पास, बस एक सुकून की तलाश है,
भीड़ में भी ये दिल अक्सर उदास है।
यूँ तो कहने को बहुत लोग हैं साथ मेरे,
पर जिसकी कमी है, वही सबसे खास है।



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