भाई-बहन का रिश्ता: प्रेम, तकरार और अटूट विश्वास की एक अनकही दास्तां
संसार में मानवीय संबंधों की एक विस्तृत श्रृंखला है, लेकिन भाई-बहन का रिश्ता उन सब में सबसे अनूठा और पवित्र माना गया है। यह एक ऐसा बंधन है जो जन्म के साथ शुरू होता है और जीवन के अंतिम क्षणों तक साये की तरह साथ चलता है। इस रिश्ते की खूबसूरती इसकी सादगी और इसमें छिपे निस्वार्थ प्रेम में है। जहाँ दुनिया के अन्य रिश्तों में अपेक्षाएं और शर्तें जुड़ी होती हैं, वहीं भाई-बहन का रिश्ता बिना किसी शर्त के एक-दूसरे की ढाल बना रहता है।
बचपन की यादों की गलियों में झांकें तो हमें वह समय याद आता है जब एक छोटी सी चॉकलेट या टीवी के रिमोट के लिए होने वाली लड़ाई भी कितनी मासूम हुआ करती थी। भाई-बहन एक-दूसरे के सबसे बड़े दुश्मन भी होते हैं और सबसे बड़े रक्षक भी। एक भाई के लिए उसकी बहन दुनिया की सबसे कीमती जिम्मेदारी होती है, जबकि एक बहन के लिए उसका भाई एक ऐसा दोस्त होता है जो बिना कहे उसकी हर बात समझ लेता है। यह रिश्ता "टॉम एंड जेरी" की तरह है—वे आपस में लड़ सकते हैं, एक-दूसरे को तंग कर सकते हैं, लेकिन एक-दूसरे के बिना रह नहीं सकते।
आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में, जहाँ लोग अक्सर अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं, एक भाई या बहन का होना किसी वरदान से कम नहीं है। वे हमारे "फर्स्ट फ्रेंड" होते हैं। वे हमारे उन राजों के रखवाले होते हैं जिन्हें हम माता-पिता से भी छिपाते हैं। किशोरावस्था की उलझनों से लेकर करियर के उतार-चढ़ाव तक, भाई-बहन एक-दूसरे का संबल बनते हैं। अक्सर देखा गया है कि शादी के बाद जब बहनें दूसरे घर चली जाती हैं, तब इस रिश्ते की गहराई और अधिक बढ़ जाती है। वह दूरी प्रेम को कम करने के बजाय और अधिक प्रगाढ़ बना देती है।
भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन और भाई दूज जैसे त्यौहार इसी पवित्र प्रेम को समर्पित हैं। ये त्यौहार केवल धागे या तिलक के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये उस वादे का नवीनीकरण हैं जो एक भाई अपनी बहन की रक्षा के लिए और एक बहन अपने भाई की लंबी उम्र के लिए करती है। लेकिन यह रिश्ता केवल त्यौहारों तक सीमित नहीं है। संकट के समय जब सारी दुनिया साथ छोड़ देती है, तब एक भाई का कंधा और एक बहन की सांत्वना ही वह ताकत होती है जो हमें फिर से खड़ा होने का साहस देती है।
भाई-बहन के रिश्ते में 'हक' की भावना बहुत प्रबल होती है। एक बड़ा भाई अपनी छोटी बहन के लिए पिता तुल्य संरक्षक बन जाता है, तो एक बड़ी बहन अपने छोटे भाई के लिए माँ जैसी ममतामयी मार्गदर्शक। यह भूमिकाएं समय के साथ बदलती रहती हैं, लेकिन मूल भावना वही रहती है—परवाह और सुरक्षा। समाज कितना भी आधुनिक क्यों न हो जाए, भाई-बहन के प्रेम की प्रासंगिकता कभी कम नहीं होगी। यह वह नींव है जिस पर एक सुखी परिवार की इमारत खड़ी होती है।
निष्कर्षतः, यदि आपके पास एक ऐसा भाई या बहन है जिससे आप अपने मन की हर बात साझा कर सकते हैं, जिससे आप लड़ सकते हैं और जिसके साथ आप खिलखिलाकर हँस सकते हैं, तो आप दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इस रिश्ते को संजोकर रखें, क्योंकि यादें तो धुंधली हो सकती हैं, पर भाई-बहन का साथ कभी पुराना नहीं होता। इसी खूबसूरत एहसास को शब्दों में पिरोने के लिए हमने यह विशेष शायरी तैयार की है।
"रूठना मनाना तो इस रिश्ते की शान है,भाई की शरारत और बहन की मुस्कान है।दुनिया चाहे बदल जाए कितनी भी मगर,भाई-बहन का प्यार ही तो घर की जान है।"