अनकही बातें और बेनाम रिश्ते – दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी

यह शायरी उन रिश्तों की बात करती है जो शब्दों और नामों के मोहताज नहीं होते। “कुछ अनकही बातों का सिलसिला रहने दो” पंक्ति इस एहसास को उजागर करती है कि हर भावना को कहना ज़रूरी नहीं, कुछ खामोशियाँ भी रिश्तों को खूबसूरत बनाती हैं। यह रचना दिल के उस कोने को छूती है जहाँ अपनापन बिना शर्त और बिना सवाल के बस मौजूद रहता है।

इस शायरी में प्यार का एक सादा, पर गहरा रूप दिखाई देता है — जहाँ किसी रिश्ते को परिभाषा देने की ज़रूरत नहीं, बस उसका एहसास ही काफी होता है। कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में कहानी बनकर नहीं आते, बल्कि एक हसीन किस्से की तरह रह जाते हैं, जिसे याद करना ही सुकून देता है।

यह शायरी उन लोगों के लिए है जो अधूरे रिश्तों, अनकहे जज़्बातों और दिल में सहेजे गए मीठे पलों को महसूस करते हैं। यह प्रेम, अपनापन और आज़ादी का खूबसूरत संतुलन है, जिसे पढ़कर हर कोई खुद की कोई कहानी इसमें ढूँढ लेता है।

"कुछ अनकही बातों का सिलसिला रहने दो,
तुम जैसे भी हो, मेरे दिल का हिस्सा रहने दो।
ज़रूरी नहीं कि हर रिश्ते का कोई नाम हो,
कुछ कहानियों को बस एक हसीन किस्सा रहने दो।"

 

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