shayari

Gulzar

अलग करना हो तोभीड़ से हट के चलिए,भीड़ साहस तो देती हैंमगर पहचान छिन लेती हैंGulzar Sahab अच्छी किताबें और…

अंजुम रहबर

मिलना था इत्तेफाक़ बिछड़ना नसीब थावो इतनी दूर हो गया जितना करीब था मैं उसको देखने को तरसती ही रह…

हिज़्र का ज़ख्म मुहब्बत का शफ़ाख़ाना है,ऐ मेरे दिल तुझे ज़ख्मों में मुस्कुराना है- सोनिया खुरानिया

किस तरह आँख में आँसू उतार देती हो,याद-ए-माज़ी मुझे मुश्किल में डाल देती हो, हर कोई दर्द दिखाने के नहीं…