💪 बिना मेहनत के सफर अधूरा
बिना पसीना बहाए, कोई भी सफर मुकम्मल नहीं होता,
मेहनत की आग में तपे बिना, कोई लोहा सबल नहीं होता।
📋 Copy Shayari
बिना पसीना बहाए, कोई भी सफर मुकम्मल नहीं होता,
मेहनत की आग में तपे बिना, कोई लोहा सबल नहीं होता।