मुस्कुराना सीखना पड़ता है, रोना तो पैदा होते ही आ जाता है।अजीब सौदागर है ये वक़्त भी...जवानी का लालच देकर, बचपन छीन लेता है। मुस्कुराना सीखना पड़ता है, रोना तो पैदा होते ही आ जाता है।अजीब सौदागर है ये वक़्त भी...जवानी का लालच देकर, बचपन छीन लेता है। #2026 Shayari #Hindi Shayari #zindagi #zindagi Shayari Like Copy Share