भरोसा काँच की तरह होता है,एक बार टूट जाए तो जुड़ता नहीं।हज़ार माफ़ियाँ भी कम पड़ जाती हैं,जब दिल का यक़ीन लौटता नहीं। भरोसा काँच की तरह होता है,एक बार टूट जाए तो जुड़ता नहीं।हज़ार माफ़ियाँ भी कम पड़ जाती हैं,जब दिल का यक़ीन लौटता नहीं। #2026 Shayari #Hindi Shayari #Trust #trust shayari Like Copy Share