Shayari

बशीर बद्र के 13 चुनिंदा शेर

share and support

बशीर बद्र की शायरी कमाल है। इनकी शायरी की सबसे खास बात है कि यह आसान शब्दों में गहरी बात कह देते है।

इनके शेर आम आदमी भी समझ पाता है और वो इसका बखूबी इस्तेमाल भी करता है अपनी गुफ़्तगू में, अपनी आम बोलचाल में, बशीर बद्र ने अपनी इसी ख़ासियत की वजह से लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाई हैं।
15 फरवरी,1935 में फैज़ाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत मे जन्मे बशीर बद्र को आम से ख़ास तक हर कोई पसंद करता है। आइए पढ़ते हैं बशीर साहब के कुछ चुनिंदा शेर ..

लहजा कि जैसे सुब्ह की ख़ुशबू अज़ान दे,
जी चाहता है मैं तेरी आवाज़ चूम लूं

इतनी मिलती है मेरी ग़ज़लों से सूरत तेरी
लोग तुझको मेरा महबूब समझते होंगे 
Gulabo ki tarah Shabnam me apna dil bhigoye hai, mohabbat karne wale khoobsurat log hote hai.
بشیر بدر شاعری
mohabbato me dikhave ki dosti na mila, agar gale nhi milna to hath bhi na mila

उसे किसी की मुहब्बत का ऐतबार नहीं
उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है

basheer badr ki shayari

शौहरत की बुलन्दी भी पल भर का तमाशा है
जिस डाल पर बैठे हो, वो टूट भी सकती है

जिस दिन से चला हूं मेरी मंज़िल पे नज़र है
आंखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा

Shayari of bashir badr,بشیر بدر شاعری

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिन्दा न हों

bashir badr shayari,بشیر بدر شاعری

Ujaale apni yaadon ke hamare sath rehne do,na jane kis gali me zindagi ki shaam ho jaye

آپ کی یادوں کی روشنی ہمارے ساتھ رہنے دو ، نہ جانے کس گلی میں زندگی کی شام ہونی چاہئے۔ بشیر بدر کی شایری

بشیر بدر شاعری
Patjhad ki kahaniyan suna suna ke udas na kar, naye mausamo ka pata bata, jo guzar gaya so guzar gaya
بشیر بدر شاعری
share and support

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *